Shayri Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps - June 18, 2026 कुछ यादें जुड़ी हैं, इन पलकों के नजारों से। इन्हें जमीन से, मत जुदा करना। हटके हटाना, इन पलकोकें किनारों को।कहीं नजाकतसे, इस करागिरी को मत मिटा देना।-B.S.K. Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps
Poetry - July 25, 2026 लागिला रंग तुझा, लागिला छंद तुझा. असं तुझ्या भेटीची, शब्दात मावेना. प्रीत तुझ्या मायेची, वाटेत संपेना. नमण करतो पांडुरंगा, तुझा विसर न व्हावा. -B. S. K. Read more
शायरी - September 16, 2021 शायरों की गली है, शेर की तकलीफ नहीं होगी। अंदाज़ पेश कर रहे है, तुम नजराना कबूल करो। -BSK Read more
शायरी - November 18, 2025 लफ्ज़ अधूरे थे। लेकिन ऐसहास से भरे थे। माना की शब्द अधूरे थे। मगर जस्बात से पूरे थे। -B.S.K. Read more