Shayri


कुछ यादें जुड़ी हैं, इन पलकों के नजारों से। 
इन्हें जमीन से, मत जुदा करना। 
हटके हटाना, इन पलकोकें किनारों को।
कहीं नजाकतसे, इस करागिरी को मत मिटा देना।
-B.S.K.

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